Hindi Blog Writing Tips- हिंदी में ब्लॉग कैसे लिखें
टार्गेटेड रीडर्स सेट करना
आपके ब्लॉग का यूजर्स इंटेंट क्या है, कौन है आपके पाठक - गृहणी, विद्यार्थी, प्रोफेशनल या कोई फॉलोवर- पहले यह तय करें, फिर उसे लक्ष्य बनाकर ब्लॉग तैयार करें। जैसे मान लें टारगेटेड ऑडिएंस कॉन्टेंट क्रियेटर या Hindi Blog Writer है तो अधिक टेक्निकल टिप्स, SEO के बारे में कन्टेन्ट ज्यादा लिखें। यदि विद्यार्थी वर्ग हैं तो अधिक एजुकेशनल, मोटिवेशनल, गाइडेंस आदि कन्टेन्ट रखें।
क्वालिटी कन्टेन्ट की प्राथमिकता (E.E.A.T)
ब्लॉग कन्टेन्ट मूलतः किसके द्वारा लिखा गया है , यह बहुत जरूरी बात है। इसलिए वास्तविक रूप में अनुभवी लोगों द्वारा या उनके द्वारा संपादित या एप्रूव्ड हो तो बेहतर है। आप लिंक डालकर बाहरी लोगों का संदर्भ लेकर आपमे ब्लॉग या आर्टिकल की गुणवत्ता बढायें। गूगल गाइडलाइंस कहता है कि Experience, Expertise, Authority, Trust (E.E.A.T) वाले कन्टेन्ट गूगल सर्च में पहले इंडेक्स हो सकेगा।
टेक्निकली चीजें हों (Technical SEO)
ब्लॉग लिखने में SEO (Search Engine Optimization) का बहुत ध्यान रखना जरूरी होता है। इनके लिए आप अपने आर्टिकल का अच्छा सा टाइटल, हैडिंग्स (H1, HE), Alt Text, URL, मेटा डिस्क्रिप्शन, स्कीमा, रोबोट टी एक्स टी, साइटमैप जरूर दें। हम इन सभी बातों पर आगे विस्तार से बताएंगे। आपका ब्लॉग वाला साइट का https सेक्युर्ड हो। कन्टेन्ट का लोडिंग स्पीड तेज हो जो मोबाईल पर भी अच्छा एक्सपीरियंस दें। इतना करने से गूगल क्रॉलर आपके कंटेंट तक आसानी से पहुंचेगा, समझेगा और ब्लॉग पेज को इन्डेक्स करेगा।
इंटर्नल -एक्सटर्नल लिंक्स
जहाँ एक ओर आपके ब्लॉग में किसी विंदु पर या अंत में विषय से संबंधित किसी पूर्व के ब्लॉग का लिंक जुड़ा होना कन्टेन्ट को स्तरीय बनाता है। तो दूसरी ओर एक्सटर्नल लिंक किसी अन्य साइट जैसे विकिपीडिया, या सरकारी वेबसाइट पर मौजूद कन्टेन्ट आपके ब्लॉग का सपोर्ट बनकर और विशेष बनाता है। यूजर्स को ये लिंक आसानी से पहुँच प्रदान करता है। कोई आपके कन्टेन्ट पर टिकेगा, रुकेगा, और गुणवत्तापूर्ण मानकर दोबारा और बार बार विजिट करेगा। आपके ब्लॉग की विश्वसनीयता बढ़ेगी। इससे व्यूज या विजिट्स ज्यादा होगी, तो गूगल सर्च में स्थान बना पायेगा।
कम्परेहेंसिव और डिस्क्रिप्टिव कन्टेन्ट
ब्लॉग का जो विषय आपने चुना है उसी पर अधिक से अधिक जानकारी दें। कन्टेन्ट में टिप्स या ट्रिक्स, उदाहरण और कोई केस स्टडीज को दर्शायें, वो भी बिना किसी विंदु को अधूरा छोड़े। ताकि एक ही आर्टिकल में यूजर्स या पाठकों की अधिकतर शंकाओं का समाधान किया जाये। ऐसा हमेशा प्रयास से ही सम्भव है।
UX में गुणवत्ता (Readability)
किसी अच्छे ब्लॉग का सिर्फ कन्टेन्ट ही नहीं बल्कि उसको पढ़ने के समय में विजुअल आकार भी बहुत महत्व रखता है। इसलिए कन्टेन्ट में पैराग्राफ को छोटे रखें, बुलेट्स लगायें, इमेज डालें ताकि विषयवस्तु पढ़ने से पहले उसे थोड़ा जाना जा सके। इन्फोग्राफिक्स और उदाहरण से अपनी बात रखने से यूजर्स को एक्सपीरियंस बेहतर होता है। कन्टेन्ट लोड की स्पीड तेज हो चाहे कम्प्यूटर पर या मोबाइल पर और साइट पर नेविगेट करना आसान रहे -इस बात का ध्यान रहे।
टेबल ऑफ कन्टेन्ट
अंतिम चरण में टेबल ऑफ कन्टेन्ट की बात हो रही है, पर यह आपके ब्लॉग में हैडिंग्स शुरू होने से पहले या कन्टेन्ट की साइड में होना चाहिए। इस टेबल में आप उन सभी पॉइंट्स (और सबपोइंट्स) का क्रम से नाम होना चाहिए , जो लिंक करे कन्टेन्ट के अपने अपने हिस्से से । ताकि यूजर्स अपनी पसंद के टॉपिक या हेडिंग को चुन सके। वे अपनी नापसंद की टॉपिक को छोड़कर आगे बढ़ सके। इतना ही नहीं, गूगल इस तरह के टेबल को अपने क्राउलर से आसानी से पहुंच सकेगा।
अन्य छोटे छोटे पॉइंट्स प्राथमिकता के आधार पर
1. कीवर्ड्स चुन लें - ब्लॉग लिखने से सबसे पहला काम 2. टाइटल दें - आकर्षक, स्ट्रॉन्ग और अपीलिंग 3. टेबल बनायें - कन्टेन्ट का 4. इंट्रो से शुरुआत - ब्लॉग का परिचय और विषय के बारे में 5. बोल्ड फॉन्ट का इस्तेमाल -जरूरी शब्दों पर जोर देने के लिए प्रयोग
अंत में
अंतिम शब्द: हमने इस आर्टिकल के माध्यम से एक 'Ultimate Guide on Hindi Blog Writing' रखने का प्रयास किया। हमें पूरी उम्मीद है कि इस आर्टिकल को पढने के बाद आप समझ गए होंगे कि Hindi Blog Writing कैसे की जाती है। इससे वैसे पाठकों को फायदा होने की उम्मीद है जो नए नए ब्लॉगर हैं। यदि आपके कोई प्रश्न या सुझाव हैं तो कमेंट कर हमें जरुर बताएं। आपको यह आर्टिकल पसंद आया तो अपने परिचितों के साथ इसे जरुर शेयर करें ताकि हमारा मनोबल बढ़ा रहे। अपने बहुमूल्य समय देकर अंत तक ब्लॉग पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद!🙏